कक्षा 10 के बच्चों के लिए एक खुशखबरी, अब साल में 2 बार होंगी बोर्ड्स की परीक्षा CBSE (सीबीएसई) अगले साल यानी 2026 से साल में दो बोर्ड परीक्षा लेगा। इस बात पर मुहर लग गई है। अब तक ये ड्राफ्ट पॉलिसी थी। लेकिन अब कन्फर्म हो चुकी है। बुधवार, 25 जून को ही सीबीएसई एग्जाम कंट्रोलर संयम भरद्वाज ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए इस बारे में जानकारी दी है। ये नियम फिलहाल सिर्फ सीबीएसई बोर्ड क्लास 10 की परीक्षाओं पर लागू किया जा रहा है।
संयम भरद्वाज ने ये बड़ी जानकारी देते हुए ये भी कहा कि 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पहले फेज के एग्जाम में शामिल होना अनिवार्य होगा। जबकि दूसरे चरण की परीक्षा ऑप्शनल होगी। यानी आप चाहें तो इसमें शामिल हो सकते हैं या नहीं, ये स्टूडेंट की मर्जी है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन की आधिकारिक सूचना के अनुसार, सीबीएसई बोर्ड एग्जाम 2026 कक्षा 10 का पहला चरण फरवरी के महीने में होगा। जबकि दूसरा फेज मई में लिया जाएगा। स्टूडेंट्स के बोर्ड परीक्षा का स्ट्रेस कम करने और उन्हें अपने नंबर बेहतर करने का दूसरा मौका देने के लिए ये फैसला लिया गया है। ये बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किए गए हैं।
जैसे कुछ विद्यार्थोयों के मन ये सवाल आएगा की अगर उन्हें फरवरी के एक्साम्स के बाद अगली कक्षा में दाखिला लेना है तो क्या वो भी दूसरी परीक्षा का इंतज़ार करे या नहीं तो आपको बता दें की छात्र अपने फरवरी की परीक्षा के बाद अगली कक्षा में जा सकते हैं।
दूसरा सवाल ये आ रहा है कि अगर मान लें कि किसी विधार्थी के मार्क्स पहली परीक्षा में 80 प्रतिशत आये और वह उन्हें बढ़ाने के लिए दूसरी परीक्षा देता है तो कोनसी परीक्षा के मार्क्स को सी.बी.एस.सी मान्यता देगा? तो आपको बता दें की दोनों परीक्षाओं के बाद जो भी मार्क्स ज़्यादा होंगे वे ही स्टूडेंटन्स के अंतिम मार्क्स समझे जाएंगे। इसके साथ ही आपको बता दें की पहली पेपर की फिजिकल मार्कशीट आपको नहीं दी जाएगी आप चाहें तो केवल डिजिलॉकर से कॉपी को प्राप्त कर सकते हैं।
1. कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षाएँ 15 फरवरी के बाद पहले मंगलवार से शुरू होंगी।
2. यह अनुमान है कि 2026 में कक्षा 10 में लगभग 26.60 लाख छात्र और कक्षा 12 में लगभग 20 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
3. दोनों परीक्षाएँ पूर्ण वर्तमान पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों पर आधारित होंगी।
4. विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी को छोड़कर शेष विषयों को निम्नलिखित प्रकार से समूहीकृत किया गया है:-
(1) एक समूह में क्षेत्रीय और विदेशी भाषाएँ
(ii) एक समूह में शेष विषय
5. विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी की परीक्षाएँ वर्तमान की तरह एक निश्चित दिन पर आयोजित की जाएँगी।
6. क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं की परीक्षाएँ एक ही दिन में एक बार में आयोजित की जाएँगी।
7. "शेष विषयों की परीक्षा छात्रों की पसंद के आधार पर 2 या 3 दिनों में 2 से 3 बार आयोजित की जाएगी। इसका अर्थ है कि डेटा साइंस की परीक्षा दो या तीन दिनों में आयोजित की जाएगी। छात्रों को सीबीएसई द्वारा तैयार किए गए फॉर्मूले और छात्र द्वारा प्रस्तुत विषय संयोजन के आधार पर परीक्षा का दिन आवंटित किया जाएगा। छात्रों को परीक्षा की तारीखों का चयन करने का विकल्प नहीं दिया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद इन विषयों के प्रश्नपत्र छात्रों से वापस ले लिए जाएंगे।
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SCHEME BOARD EXAMS POLICY 2025
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