वॉशिंगटन: अमेरिका की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान चीन पर लगाए गए कई टैरिफ़ (आयात शुल्क) को अवैध घोषित कर दिया है। यह फैसला ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ये टैरिफ़ कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना लगाए गए थे। टैरिफ़ लगाने से पहले सार्वजनिक टिप्पणी और समीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जो कि अमेरिकी कानून के तहत अनिवार्य है।
Une cour d'appel fédérale annule les #tariffs emblématiques de #Trump, estimant que le Président est allé trop loin dans son utilisation des pouvoirs d'urgence pour réecrire la politique commerciale des USA. Les taxes restent en vigueur dans l'attente de la suite des procédures. pic.twitter.com/uFhI6S7nO3
— Marc-Erwan (@vittart75) August 30, 2025
इस फैसले के बाद, उन कंपनियों को बड़ी राहत मिली है जिन्होंने इन टैरिफ़ के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी थी। अब ये कंपनियां आयात शुल्क के तौर पर चुकाई गई अरबों डॉलर की राशि वापस पाने के लिए दावा कर सकती हैं।
यह मामला ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन पर 300 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के सामान पर लगाए गए टैरिफ़ से संबंधित था। ये टैरिफ़ व्यापार असंतुलन को कम करने और अमेरिकी उद्योगों को बचाने के उद्देश्य से लगाए गए थे, लेकिन आलोचकों का मानना था कि इनका नकारात्मक असर अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों पर पड़ा है।