ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि धरती के अंदर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेट्स बार-बार टकराती हैं, तो उनके कोने मुड़ जाते हैं और अधिक दबाव बनने पर प्लेट्स टूट जाती हैं। इस टूटन से उत्पन्न ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती है, जिससे भूकंप आता है।

आज 1 अगस्त 2025 को जनपद गौतम बुद्ध नगर व गाजियाबाद में भूकंप व रासायनिक आपदा मॉक ड्रिल हो रही है। सायरन घोषणाएँ हो सकती हैं। कृपया घबराएँ नहीं, अफवाह न फैलाएँ, सहयोग करें।
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता और खतरा
भूकंप के दौरान क्या करें
- 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाला भूकंप सामान्य से खतरनाक माना जाता है
- 2.0 या उससे कम तीव्रता वाला भूकंप सूक्ष्म होता है, जो महसूस नहीं होता
- 4.5 तीव्रता वाला भूकंप घरों को नुकसान पहुंचा सकता है
यदि आप घर के अंदर हों:
- जमीन पर झुकें और किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लें
- मेज न हो तो अपने चेहरे और सिर को बाजुओं से ढकें और कमरे के कोने में बैठें
- शीशे, खिड़कियों, दीवारों और गिर सकने वाली वस्तुओं से दूर रहें
- यदि पलंग पर हों तो वहीं रहें और सिर को तकिए से ढकें
- दरवाजे से बाहर तभी निकलें जब वह सुरक्षित हो और झटके रुक जाएं
यदि आप घर के बाहर हों:
- वहीं रुकें, लेकिन बिल्डिंग, पेड़, स्ट्रीट लाइट और तारों से दूर रहें
- खुली जगह में तब तक रुकें जब तक झटके रुक न जाएं
- निकास द्वारों और बाहरी दीवारों के पास न जाएं
यदि आप वाहन में हों:
- गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर रोकें और उसमें ही रहें
- बिल्डिंग, पेड़, ओवरपास और तारों के नीचे रुकने से बचें
- झटके रुकने के बाद सावधानी से आगे बढ़ें और क्षतिग्रस्त सड़कों से बचें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे एडवाइजरी का पालन करें और आपदा की स्थिति में सतर्कता बरतें।∎